lBHOPAL: बम की धमकी वाला मेल भेजकर दहशत फैलाने वालों के मंसूबे अब सफल नहीं होंगे. बदमाशों के धमकी भरे मेल से जहां दहशत का माहौल पैदा हो जाता था, वहीं प्रशासनिक अफसर भी इसे लेकर परेशान रहते थे. NFSU भोपाल के वैज्ञानिकों ने बम की धमकी वाले मेल का पता लगाने के लिए AI उपकरण विकसित किए हैं. विकसित AI सॉफ्टवेयर IP एड्रेस, टाइपिंग पैटर्न आदि की जांच करके फर्जी E-MAIL बम की धमकियों की प्रामाणिकता का पता लगा सकता है. मालूम हो कि 18 फरवरी को मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन पर E-MAIL बम की धमकी से हड़कंप मच गया था, बम की सूचना पर जब कामायनी एक्सप्रेस को खाली कराकर जांच की गई तो यह अफवाह निकली.
इसके अलावा फरवरी में इंदौर के दो स्कूलों में बम रखे होने संबंधी मेल से हड़कंप मच गया था. खबर मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्कूल को खाली कराकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई. यह खबर भी फर्जी बम की धमकी वाली निकली. देशभर के कई राज्यों में पुलिस प्रशासन के लिए इस तरह की झूठी ईमेल बम की धमकी आम समस्या बन गई है.