याचिका पर नहीं होगी सुनवाई
CJI ने कहा,’ याचिकाएं दायर करने की एक सीमा होती है. बहुत सारे अंतरिम आवेदन दायर किए गए हैं. हम शायद इस पर सुनवाई नहीं कर पाएं.’ उन्होंने 12 दिसंबर, 2024 के अपने आदेश के जरिए कई हिंदू पक्षों की ओर से दायर लगभग 18 मुकदमों में कार्यवाही को प्रभावी ढंग से रोक दिया, जिसमें वाराणसी में ज्ञानवापी, मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद और संभल में शाही जामा मस्जिद सहित 10 मस्जिदों के मूल धार्मिक चरित्र का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण का अनुरोध किया गया था. संभल की शाही जामा मस्जिद में झड़पों में चार लोग मारे गए थे. इसके बाद कोर्ट ने सभी याचिकाओं को 17 फरवरी को प्रभावी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था.
ओवैसी की याचिका
शीर्ष अदालत ने पहले ओवैसी की इसी तरह की प्रार्थना वाली एक अलग याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई थी. हिंदू संगठन ‘अखिल भारतीय संत समिति’ ने साल 1991 के कानून के प्रावधानों की वैधता के खिलाफ दायर मामलों में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था. इससे पहले पीठ 6 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर मुख्य याचिका भी शामिल थी. उपाध्याय ने 1991 के कानून के कई प्रावधानों को चुनौती देते हुए यह याचिका दायर की है.