Himanta Vs Gaurav Gogoi: असम में इन दिनों पाकिस्तान को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को बहुत बड़ा बयान दिया है. उन्होंने गौरव गोगोई और कांग्रेस की ओर से की कई कानूनी कार्रवाई के फैसले का स्वागत करते किया. साथ ही कहा कि उनकी असम सरकार भी आज से कानूनी कार्रवाई शुरू कर रही है.
असम के लोकल मीडिया में चली थी खबर
दरअसल, 10 फरवरी को असम के लोकल मीडिया में एक खबर चली थी कि गौरव गोगोई की ब्रिटिश मूल की पत्नी एलिजाबेथ कोलबोर्न का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI यानि इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस और जॉर्ज सोरोस की ओपेन सोसाइटी फाउंडेशन से संबंध है. दावा किया गया कि साल 2010 से लेकर साल 2015 तक वह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में थी और एक NGO के लिए काम कर रही थी. वह NGO कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ बताया गया.
साथ ही कहा गया कि एलिजाबेथ कोलबोर्न के सुपरवाइजर अली तौकीर शेख भी NGO से जुड़े थे. वह पाकिस्तान के प्लानिंग कमीशन के सलाहकार भी रह चुके हैं. 12 फरवरी को इस विवाद में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की एंट्री हुई है. एक X पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि एक IFS अधिकारी भारत सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी विदेशी नागरिक से विवाह नहीं कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में विदेशी नागरिक को छह महीने के भीतर भारतीय नागरिकता प्राप्त करनी होगी. उन्होंने दावा किया कि यह नियम हमारे सांसदों पर लागू नहीं होता. इसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने सिलसिलेवार कई आरोप लगाए.