PARIKSHA PE CHARCHA: PM मोदी ने परीक्षा देने जा रहे छात्रों को सोमवार को मंत्र दिया. उन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को चुनौतियों से नहीं घबराना चाहिए. वे भविष्य की बजाए वर्तमान पर फोकस करें. जो विषय मुश्किल लगे,उसे चुनौती के रूप में लें. दबाव कम करने के लिए बातें शेयर करें. मोदी ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों की क्षमता पहचानें. शिक्षकों का कर्तव्य है कि वह हर बच्चे की प्रतिभा को निखारे. बच्चों को अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करने की सलाह दी.
कहा कि जीवन में परीक्षा ही सब कुछ नहीं है. एक बार हारने से जिंदगी नहीं अटकती. छात्रों को परीक्षा का डर अपने मन से निकाल देना चाहिए. अपनी विफलताओं से सीख लें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में छात्रों,शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा के तनाव को कम करने के उपायों पर चर्चा कर रहे थे.कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में सुबह 11 बजे से शुरू हो गया था.
दबाव से बचने के लिए क्रिकेटरों से सीख लेने की दी सलाह
क्रिकेटरों का उदाहरण देते हुए मोदी ने छात्रों को दबाव पर ध्यान न देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि जिस तरह बल्लेबाज स्टेडियम में नारे और शोर को अनदेखा कर गेंद पर ध्यान केंद्रित करता है, उसी तरह छात्रों को भी दबाव में न आकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने मोदी से पूछा कि अच्छा नेता कैसे बनें तो पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि टीमवर्क और धैर्य अच्छे नेता बनने के मुख्य गुण हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर बच्चे में कुछ न कुछ खासियत होती है. कोई पढ़ाई में अच्छा होता है तो कोई किसी और में.