IND vs ENG : भारत और इंग्लैंड के बीच पुणे में खेले गए चौथे टी-20 मैच के दौरान एक बड़ा विवाद हो गया और इस कंट्रोवर्सी को खुद विकेटकीपर जोस बटलर (Jos Buttler) ने खड़ा किया है. मुकाबले के दौरान पारी के आखिरी ओवर में हेलमेट पर गेंद लगने की वजह से शिवम दुबे की जगह पर हर्षित राणा को कन्कशन सब्सटीट्यूट के तौर पर इस्तेमाल किया गया. टीम इंडिया की तरफ से हर्षित राणा का इस्तेमाल करना मास्टर स्ट्रोक की तर्ज पर लिया जा रहा है. मामला यह है कि 34 गेंदों में 53 रन बनाने वाले दुबे को 19.5वें ओवर में जेमी ओवरटन की गेंद हेलमेट पर लग गई. इसके बाद कन्कशन प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया गया. हालांकि आखिरी गेंद उन्होंने ही खेली. लेकिन इसके बाद भी उनकी जगह हर्षित राणा को फिल्डिंग करने के लिए बुलाया गया.
कन्कशन सब्सटीट्यूट से सहमत नहीं
वहीं, मैच खत्म होने के बाद जोस बटलर ने अपनी मीडिया कांफ्रेंस में कहा कि हम कन्कशन सब्सटीट्यूट से सहमत नहीं हैं. हर्षित राणा ने मैच के दौरान लियाम लिविंगस्टोन समेत 3 विकेट चटकाए और उसकी वजह से हमने 5 मैचों की टी-20 सीरीज को गंवा दिया. जोस बटलर ने सवाल उठाया कि क्या कन्कशन नियम का पालन सही किया गया था? कप्तान ने तंज कसते हुए कहा कि मुझे लगता है कि शिवम दुबे ने गेंद के साथ 25 मील प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी या फिर हर्षित राणा ने अपनी बल्लेबाजी में काफी सुधार किया है.
क्या है कनक्शन का नियम?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के अनुसार क्लॉज 1.2.7.3 में कहा गया है कि अंपायर को आमतौर पर कनकशन रिप्लेसमेंट को मंजूरी देनी चाहिए. अगर सब्स्टीट्यूट वाला खिलाड़ी एक समान है और उसके शामिल होने से टीम को ज्यादा लाभ नहीं मिलता है तो उस रिप्लेसमेंट किया जा सकता है. जैसे कि बल्लेबाज ही बल्लेबाज को, गेंदबाज ही गेंदबाज को और एक बैटिंग ऑलराउंडर ही बैटिंग ऑलराउंडर को ही रिप्लेसमेंट किया जा सकता है. लेकिन टीम ने इंडिया ने बल्लेबाज की जगह रिप्लेसमेंट में एक गेंदबाज का लाकर एक नई बहस छेड़ दी है. इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टी-20 में ऑलराउंडर शिवम दुबे की जगह हर्षित राणा जैसे स्पेशलिस्ट गेंदबाज को मैदान पर लाया गया और उन्होंने मैच में कदम रखते ही गर्दा उड़ा दिया. राणा ने इंग्लैंड के तीन विकेट चटका कर उनकी कमर तोड़ने का काम किया है.