Budget Session 2025: संसद का बजट सत्र 31 जनवरी, 2025 से शुरू हो गया है. इस बीच राष्ट्रपति ने अभीभाषण के साथ आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से 16 बेहद जरूरी बिल भी बजट सत्र के दौरान सरकार पेश करेगी. इसमें वक्फ संशोधन बिल सबसे अहम है. हालांकि, सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से बजट सत्र का एजेंडा पेश किया गया. साथ ही सभी दलों के नेताओं को बजट सत्र में शांतिपूर्ण तरीकें से सत्र को चलाने की अपील की गई. सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने अपने इरादे साफ कर दिया है. ऐसे में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने महाकुंभ में हुए भगदड़ का मुद्दे भी सदन में उठाया.
बुलाई गई सर्वदलीय बैठक
यहां बता दें कि बजट सत्र को लेकर 30 जनवरी को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. बैठक में NDA के अलावा विपक्षी दल के फ्लोर लीडर्स भी शामिल हुए. बैठक में सरकार ने बजट सत्र का एजेंडा रखते हुए बताया कि सरकार की ओर से इस सत्र के बजट पेश करने के साथ-साथ 16 और महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे. जिसमें वक्फ संशोधन बिल 2024, मुसलमान वक्फ रिपील बिल 2024 भी शामिल है.
सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता
30 जनवरी को हुई बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की, जो राजनीतिक दलों को सरकार के विधायी एजेंडे के बारे में जानकारी देने और उनके ओर से उठाए गए सवालों के जवाब देने लिए बुलाई जाती है. संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक खत्म होने के बाद बताया कि इस बैठक में 36 दलों के 52 नेता शामिल हुए थे.
महाकुंभ में आम आदमी को हो रही है दिक्कत
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने विपक्षी गठबंधन इंडिया को संसद के बजट सत्र के दौरान सभी जरूरी मुद्दों को उठाने की बात कही है. सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक से बाहर निकलते हुए प्रमोद तिवारी ने महाकुंभ के कथित राजनीतिकरण की भी आलोचना की और कहा कि महाकुंभ के दौरान अतिविशष्ट लोगों के लिए आवाजाही से आम आदमी के लिए मुश्किलें पैदा हो रही हैं.